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IUCN Red Data Book , IUCN रेड डाटा बुक

परिचय आईयूसीएन लाल सूची ( 1964 में स्थापित) एक राज्य या देश की सीमा के भीतर पशु , कवक और पादप प्रजातियों की मौजूदगी के बारे में सबसे विस्तृत रिपोर्ट देती है | अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ( IUCN) विश्व-स्तर पर विभिन्न जातियों की संरक्षण-स्थिति पर निगरानी रखने वाला सर्वोच्च संगठन है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर कई देशों की सरकारें विभिन्न जीव जंतुओं और जैवविविधता संरक्षण के उपायों के बारे में सोचने पर मजबूर होतीं हैं | लाल सूची की श्रेणियां 1. जिन प्रजातियों पर किसी प्रकार का खतरा नहीं हैं (सबसे कम चिंता वाले) से लेकर विलुप्त हो चुकी प्रजातियों तक , आईयूसीएन लाल सूची प्रणाली में नौ श्रेणियां होती हैं। संकटग्रस्त श्रेणियां ( कमजोर , खतरे में और गंभीर रूप से संकटग्रस्त) पांच वैज्ञानिक मानदंडों पर आधारित होती हैं जो प्रजाति विशेष के समाप्त होने के जोखिम का आकलन जैविक कारकों जैसे – संख्या कम होने की दर , आबादी , भौगोलिक वितरण का क्षेत्र , आबादी की डिग्री और विखंडन वितरण , पर आधारित होता है। ये मानदंड सभी प्रजातियों (सूक्ष्म जीवों को छोड़कर) पर , सभी इलाकों और सभी देशों में...

World's oldest tree विश्व का सबसे पुराना वृक्ष

 1. विश्व का सबसे पुराना वृक्ष Old Tjikko 1. स्थान : स्वीडन 2. उम्र : 9,550 वर्ष 3. तथ्य : इसकी सबसे अच्छी पहचान यह है कि इसे दुनिया का सबसे पुराना पेड़ कहा जाता है | इसकी उत्पत्ति पिछले हिमयुग के समय से मानी जाती है | भूविज्ञानी लीफ कुल्मेन ने इसकी खोज की थी | इन्होने इसका नाम अपने मृत कुत्ते के नाम पर रखा था | 2. मतूशेलह ( Methuselah) 1. स्थान : कैलिफोर्निया (यूएसए) 2. उम्र : 5,000 वर्ष 3. तथ्य : यह दुनिया के सबसे पुराने गैर-क्लोनल पेड़ के रूप में जाना जाता है। यह इन्यो राष्ट्रीय वन में , कैलिफोर्निया के सफ़ेद पहाड़ों में स्थित है। मतूशेलह के सही स्थान के बारे में किसी को नही बताया गया है ताकि इसे सामान्य लोगों द्वारा होने वाले नुकसान से बचाया जा सके | लालंगेर्नैव यू ( Llangernyw Yew) 1. स्थान : उत्तर वेल्स (इंग्लैंड) 2. उम्र : 4,000 वर्ष 3. तथ्य : लालंगेर्नैव यू को प्रागैतिहासिक कांस्य युग के आस-पास के समय में लगाया गया था | यह आजकल भी बढ़ रहा है | सन 2002 में , महारानी एलिजाबेथ II की स्वर्ण जयंती के जश्न के अवसर पर इसे ‘ ट्री परिषद् ’ द्वारा ब्रिटेन के 50 स...

Environment and Ecology, Black Deer पर्यावरणऔर पारिस्थितिकी , काला हिरण

काला हिरण या कृष्णमृग (भारतीय मृग): एक नज़र तथ्यों पर 1. काले हिरन (एंटीलोप सेरवीकप्रा) को भारतीय मृग अथवा हिरन के रूप में भी जाना जाता है। 2. इसकी प्रजातियों का वर्णन सबसे पहले 1758 में स्वीडिश जीव विज्ञानी कार्ल लिनिअस ने किया गया था। 3. नर कृष्णमृग के सींग चक्राकार होते हैं जो 35-75 सेमी लंबे होते हैं। मादा कृष्णमृग के भी सींग हो सकते हैं। 4. कृष्णमृग शाकाहारी होता है घास का भक्षण करता है। 5. मादा कृष्णमृग आठ महीनों में व्यस्क हो जाते हैं , लेकिन आम तौर पर दो साल से पहले संबंध नहीं बनाते हैं। नर , लगभग एक से डेढ़ साल में व्यस्क होते हैं। 6. गर्भकाल का समय आम तौर पर छह महीने का होता है जिसके बाद एक शावक का जन्म होता है। 7. आमतौर पर इसकी उम्र 10 से 15 साल की होती है। 8. आईयूसीएन ने कृष्णमृग को लुप्तप्राय वाले जानवर की श्रेणी में रखा है। 9. 1972 के वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची के तहत भारत में कृष्णमृग (काले हिरन) का शिकार करना प्रतिबंधित है। 10. कृष्णमृग 30 नर गुणसूत्र होते हैं जबकि मादा कृष्णमृग में 31 गुणसूत्र होते हैं। 11. कृष्णमृग के प्रमुख शिकार...

State policy director theory राज्‍य के नीति निर्देशक सिद्धान्‍त

( अनुच् ‍ छेद 36 – 51 भाग IV) - राज् ‍ य के नीति निर्देशक तत् ‍ वों को आयरलैण् ‍ ड से लिया गया है। - इनको 42 वे संविधान संशोधन 1976 से संविधान में जोड़ा गया है। - यह भारत को एक कल् ‍ याणकारी ( समृद्ध ) राज् ‍ य बनाने के लिए राज्यों को दिशा निर्देश दिये गये है। ये मुख् ‍ यत : तीन प्रकार के है 1. आर्थिक व समाजवादी सिद्धांत » सभी नागरिकों को जीविका के उपयुक् ‍ त साधन उपलब् ‍ ध करवाना » धन के केन् ‍ द्रीयकरण को रोकना तथा धन व मौलिक साधनों का न् ‍ यायासंगत बँटवारा » स् ‍ त्री पुरूषों को समान वेतन 2. गांधीवादी सिद्धान् ‍ त » पंचायतो , पिछडे वर्ग , कुटीर उद्योगों को प्रोत् ‍ साहन करना , गायों की रक्षा करना व नशीली दवाओं पर प्रतिबंध लगाना। 3. उदारवादी सिद्धान् ‍ त » न् ‍ ययापालिका व कार्यपालिका का पृथक् ‍ करण » 14 वर्ष की आयु तक नि : शुल् ‍ क शिक्षा » आर्थिक दृष्टि से पिछडे वर्ग न् ‍ याय से वंचित न रहे। » कृषि व पशुपालन को ...

Indian Politics, Fundamental Rights (Part 3, Article 12 to 32) भारतीय राजव्‍यवस्‍था , मौलिक अधिकार (भाग 3 , अनुच्‍छेद 12 से 32 )

मौलिक अधिकार (भाग 3 , अनुच्‍छेद 12 से 32 ) मौलिक अधिकारो का विभाजन 1 . परिचय मूलरूप से संविधान में 7 मौलिक अधिकार दिये दिये गये है » समानता का अधिकार ( अनुच् ‍ छेद 14 – 18) » स् ‍ वतंत्रता का अधिकार ( अनुच् ‍ छेद 19 – 22) » शोषण के विरूद्ध अधिकार ( अनुच् ‍ छेद 23 – 24) » धार्मिक स् ‍ वतंत्रता का अधिकार ( अनुच् ‍ छेद 25 से 28) » सांस् ‍ कृतिक व शैक्षणिक अधिकार ( अनुच् ‍ छेद 29 और 30) » संवैधानिक उपचारों का अधिकार ( अनुच् ‍ छेद 32) » सम् ‍ पति का अधिकार ( अनुच् ‍ छेद 31) - 44 वें संविधान संशोधन 1978 से सम् ‍ पति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया है , इसे अनुच् ‍ छेद 300 – A, भाग XII में , एक कानूनी अधिकार बना दिया गया है। अत : अब केवल 6 मौलिक अधिकार है। 2. समानता का अधिकार अनुच् ‍ छेद 14 - कानुन के समक्ष समानता अनुच् ‍ छेद 15 - धार्मिक , जाति , मूल , लिंग आदि के आधार पर भेदभाव निषेध अनुच् ‍ छेद 16 - सार्वजनिक रोजग...