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Ancient India, Eastern Secret प्राचीन भारत , पूर्व गुप्तकाल

शुंग वंश (185 ई.पू. - 75 ई.पू. ) - मौर्य वंश की समाप्ति के पश्चात शुंग वंश अस्तित्व में आया। - ये ब्राहाम्ण वर्ग के लोग थे। - पंतजलि ने पुष्यमित्रशुंग के लिए अश्वमेध यज्ञ करवाया था। - पुष्यमित्र शुंग के बाद उसका पुत्र अग्निमित्र सिंहासन पर बैठा। अग्निमित्र कालिदास के विख्यात नाटक का मुख्य पात्र था। - भागवत के शासनकाल में हेलिओडोरस उसके राजदरबार में आया था। यह अतंलिखित का राजदूत था।  हेलिओडोरस एवं भागवत ने मिलकर बेसनगर स्तंभ का निमार्ण करवाया। - देवभूती इस वंश का अंतिम शासक था एवं इनके बाद कण्व राजवंश अस्तित्व में आया। कण्व राजवंश  (75 ई.पू. - 25 ई.पू. ) - ये भारत के पश्चिमी भाग में स्थित थे। - वासुदेव ने शुंग वंश के अंतिम राजा की हत्या कर सत्ता अपने हाथों में ले ली। - कण्व वंश के बाद सातवाहन का शासनकाल प्रारंभ हुआ। कलिंग के चेत - चेत राजवंश के तृतीय सम्राट के काल में कलिंग की शक्ति में वृद्धि हुई। - यह भुवनेश्वर में उदयगिरि की पहाडियों में स्थिति हाथीगुफा शिलालेख से ज्ञात होता है। विदेशी साम्राज्य हिन्द ...

Demonstrations of 500 and 1000 rupees notes in India भारत मे 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण

भारत मे 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण , जिसे मीडिया में छोटे रूप में   नोटबंदी   कहा गया , की घोषणा  8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे (आईएसटी)   भारतीय प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी   द्वारा अचानक राष्ट्र को किये गए  संबोधन के द्वारा की गयी।   यह संबोधन टीवी के द्वारा किया गया। इस घोषणा में 8 नवम्बर की आधी रात से देश  में 500 और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने का ऐलान किया गया। इसका उद्देश्य केवल   काले धन   पर  नियंत्रण ही नहीं बल्कि   जाली नोटों   से छुटकारा पाना भी था। पृष्ठभूमि कुछ खबरों के अनुसार , यह योजना छह महीने पहले बननी शुरू हुई थी। सरकार के इस फैसले की जानकारी केवल कुछ लोगों को थी। ये लोग थे- मुख्य सचिव   नृपेंद्र मिश्रा , पूर्व और वर्तमान   आरबीआई गवर्नर , वित्त सचिव   अशोक लवासा , आर्थिक मामलों के सचिव   शक्तिकांत दास   और   वित्त मंत्री   अरुण जेटली। योजना को लागू करने की प्रक्रिया दो ...

Goods and service Tax in India वस्तु एवं सेवा कर (भारत)

        वस्तु एवं सेवा कर (भारत)                                                गुड्स एंड सर्विसिज़ टैक्स   या   वस्तु एवं सेवा कर   ( GST ,  अंग्रेज़ी :   Goods and Services Tax )   भारत में   १ जुलाई   २०१७ से लागू एक महत्वपूर्ण   अप्रत्यक्ष   कर   व्यवस्था है जिसे सरकार व कई अर्थशास्त्रियों द्वारा इसे स्वतंत्रता के पश्चात् सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताया है।   इससे केन्द्र एवम् विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा भिन्न भिन्न दरों पर लगाए जा रहे विभिन्न करों को हटाकर पूरे देश के लिए एक ही अप्रत्‍यक्ष कर प्रणाली लागू की जाएगी जिससे भारत को एकीकृत साझा बाजार बनाने में मदद मिलेगी।   भारतीय संविधान   में इस कर व्यवस्था को लागू करने के लिए   संशोधन   किया गया है।...