शुंग वंश (185 ई.पू. - 75 ई.पू. ) - मौर्य वंश की समाप्ति के पश्चात शुंग वंश अस्तित्व में आया। - ये ब्राहाम्ण वर्ग के लोग थे। - पंतजलि ने पुष्यमित्रशुंग के लिए अश्वमेध यज्ञ करवाया था। - पुष्यमित्र शुंग के बाद उसका पुत्र अग्निमित्र सिंहासन पर बैठा। अग्निमित्र कालिदास के विख्यात नाटक का मुख्य पात्र था। - भागवत के शासनकाल में हेलिओडोरस उसके राजदरबार में आया था। यह अतंलिखित का राजदूत था। हेलिओडोरस एवं भागवत ने मिलकर बेसनगर स्तंभ का निमार्ण करवाया। - देवभूती इस वंश का अंतिम शासक था एवं इनके बाद कण्व राजवंश अस्तित्व में आया। कण्व राजवंश (75 ई.पू. - 25 ई.पू. ) - ये भारत के पश्चिमी भाग में स्थित थे। - वासुदेव ने शुंग वंश के अंतिम राजा की हत्या कर सत्ता अपने हाथों में ले ली। - कण्व वंश के बाद सातवाहन का शासनकाल प्रारंभ हुआ। कलिंग के चेत - चेत राजवंश के तृतीय सम्राट के काल में कलिंग की शक्ति में वृद्धि हुई। - यह भुवनेश्वर में उदयगिरि की पहाडियों में स्थिति हाथीगुफा शिलालेख से ज्ञात होता है। विदेशी साम्राज्य हिन्द ...
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