(अनुच्छेद 36 – 51 भाग IV)
- राज्य के नीति निर्देशक तत्वों को आयरलैण्ड से लिया गया है।
- इनको 42 वे संविधान संशोधन 1976 से संविधान में जोड़ा गया है।
- यह भारत को एक कल्याणकारी (समृद्ध) राज्य बनाने के लिए राज्यों को दिशा निर्देश दिये गये है।
ये मुख्यत: तीन प्रकार के है
1. आर्थिक व समाजवादी सिद्धांत
» सभी नागरिकों को जीविका के उपयुक्त साधन उपलब्ध करवाना
» धन के केन्द्रीयकरण को रोकना तथा धन व मौलिक साधनों का न्यायासंगत बँटवारा
» स्त्री पुरूषों को समान वेतन
2. गांधीवादी सिद्धान्त
» पंचायतो, पिछडे वर्ग, कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन करना ,गायों की रक्षा करना व नशीली दवाओं पर प्रतिबंध लगाना।
3. उदारवादी सिद्धान्त
» न्ययापालिका व कार्यपालिका का पृथक्करण
» 14 वर्ष की आयु तक नि:शुल्क शिक्षा
» आर्थिक दृष्टि से पिछडे वर्ग न्याय से वंचित न रहे।
» कृषि व पशुपालन को आधुनिक बनाना
» पर्यावरण व राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण करवाना।
» राज्य के नीति निर्देशक तत्व गैर – न्यायिक होते है अर्थात् इनके लागु न होने पर हम कोर्ट में नहीं जा सकते है।