काला हिरण या कृष्णमृग
(भारतीय मृग): एक नज़र तथ्यों पर
1. काले हिरन (एंटीलोप
सेरवीकप्रा) को भारतीय मृग अथवा हिरन के रूप में भी जाना जाता है।
2. इसकी प्रजातियों का वर्णन
सबसे पहले 1758 में स्वीडिश जीव विज्ञानी कार्ल लिनिअस ने किया
गया था।
3. नर कृष्णमृग के सींग
चक्राकार होते हैं जो 35-75 सेमी लंबे होते हैं। मादा कृष्णमृग के भी सींग हो
सकते हैं।
4. कृष्णमृग शाकाहारी होता है
घास का भक्षण करता है।
5. मादा कृष्णमृग आठ महीनों
में व्यस्क हो जाते हैं, लेकिन आम तौर पर दो साल से पहले संबंध नहीं बनाते
हैं। नर,
लगभग एक से डेढ़ साल में व्यस्क होते हैं।
6. गर्भकाल का समय आम तौर पर
छह महीने का होता है जिसके बाद एक शावक का जन्म होता है।
7. आमतौर पर इसकी उम्र 10 से 15 साल की होती है।
8. आईयूसीएन ने कृष्णमृग को
लुप्तप्राय वाले जानवर की श्रेणी में रखा है।
9. 1972 के वन्य जीव संरक्षण
अधिनियम की पहली अनुसूची के तहत भारत में कृष्णमृग (काले हिरन) का शिकार करना
प्रतिबंधित है।
10. कृष्णमृग 30 नर गुणसूत्र होते हैं जबकि
मादा कृष्णमृग में 31 गुणसूत्र होते हैं।
11. कृष्णमृग के प्रमुख
शिकारियों में भेड़िये, चीते और जंगली कुत्ते शामिल हैं।
12. जल, कृष्णमृग की दैनिक आवश्यकता
है इसलिए वे पानी के पास रहना पसंद करते हैं।
13. भारतीय उपमहाद्वीप में
कृष्णमृग रेगिस्तान (उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में), तटीय क्षेत्रों और पहाड़ों
(उत्तरी-पूर्वोत्तर क्षेत्र में) में भी देखे जा सकते हैं।
14. कृष्णमृग को गर्म जलवायु
पसंद है।
15. कृष्णमृग मुख्य रूप से दिन
के दौरान सक्रिय रहता है।
16. कृष्णमृग भारत के कई
संरक्षित क्षेत्रों में पाया जाता है जिनमें निम्न स्थान शामिल हैं:
* गिर वन राष्ट्रीय उद्यान
(गुजरात)
* वेलावदर वन्यजीव अभयारण्य
(गुजरात)
* राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य
(बुंदेलखंड)
* गिंडी राष्ट्रीय उद्यान
(तमिलनाडु)
* कैमूर वन्यजीव अभयारण्य
(बिहार)
* रानीबेन्नुर कृष्णमृग
अभयारण्य (कर्नाटक)
* ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
अभयारण्य (महाराष्ट्र)
* रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान
और ताल छप्पर अभयारण्य (राजस्थान)
* प्वाइंट केलिमियर वन्यजीव
और पक्षी अभयारण्य तथा वल्लांदु वन्यजीव अभयारण्य (तमिलनाडु)।
17. कृष्णमृग के दूध में 6.9% प्रोटीन, 9.3% वसा, 4.3% और लैक्टोज पाया जाता हैं।
18. भारत में कृष्णमृग की
संख्या लगभग 40000 से 50000 के बीच है।