Skip to main content

Vice President of India भारत का उपराष्‍ट्रपति


भारत का उपराष्ट्रपति
परिचय

- अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत में एक उपराष्ट्रपति होगा।

- अनुच्छेद 64 के अनुसार उप-राष्ट्रपति राज् सभा का पदेन सभापति होगा एवं कोई लाभ का पद धारण नहीं कर सकता हैं

- उप-राष्ट्रपति को राज्यसभा का अध्यक्ष होने का वेतन मिलता हैं कि उपराष्ट्रपति होने का

- उपराष्ट्रपति एक निर्वाचक मण्डल द्वारा चुना जाएगा जिसमें संसद के सभी सदस् (निर्वाचित + मनोनीत) शामिल होंगे।

- उपराष्ट्रपति 5 वर्ष तक रहता हैं अथवा जब तक कि कोई दूसरा उपराष्ट्रपति पद पर आसीन हो जाता

- उपराष्ट्रपति को पद से हटाने सम्बंधित प्रस्ताव केवल राज्य सभा में लाया जा सकता

- जब उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के पद पर कार्य करता हैं तब वह राष्ट्रपति की शक्तियाँ, परिलब्धियाँ, वेतन एवं भत्ते, विशेषाधिाकारों का हकदार होता है जो भारत के राष्ट्रपति को मिलते हैं

उपराष्ट्रपति पद के लिए योग्‍यताऍ

- वह भारत का नागरिक हो।

- वह राज्यसभा का सदस् नियुक्त होने की योग्यता रखता हो।

- वह 35 वर्ष की आयु पुर्ण कर चुका हो।

- वह केन्द्र अथवा राज् सरकार के अधीन किसी भी लाभकारी पद पर आसीन हो।

भारत के उपराष्ट्रपति

क्रम संख्या - भारत के राष्ट्रपति - कार्यकाल

1. डॉ. एस राधा कृष्णन - 1952 से 1962

2. डॉ.जाकिर हुसैन - 1962 से 1967

3. वराहगिरी वेंकटगिरी - 1967 से 1969

4. गोपाल स्वरूप पाठक - 1969 से 1974

5. बी.डी.जत्ती - 1974 से 1979

6. मोहम्मद हिदायतुल्ला - 1979 से 1984

7. आर. वेंकट रमन - 1984 से 1987

8. डॉ. शकर दयाल शर्मा - 1987 से 1992

9. के. आर. नारायाणन - 1992 से 1997

10. कृष् कान् - 1997 से 2002

11. भैरव सिंह शेखावत - 2002 से 2007

12. मोहम्मद हामिद अंसारी - 2007 अब तक (वर्तमान)

13.  श्री वेंकेया नायडु 11 August 2017 से अब तक

Popular posts from this blog

Purpose of computer , कंप्यूटर का उद्देश्य

              कंप्यूटर का उद्देश्य   Purpose of computer आज के युग में कंप्यूटर का महत्व बहुत ही अधिक बढ़ गया है । जीवन के हर क्षेत्र में आज किसी न किसी रूप में कंप्यूटर का उपयोग हो रहा है ।   इसी आधार पर कंप्यूटर के उद्देश्य निम्नलिखित है - 1. कंप्यूटर की सहायता से विभिन्न प्रकार के अकाउंट केश बुक , लेजर ,   बैलेंस शीट , सेल्स रजिस्टर , परचेज बुक तथा बैंक विवरण सहजता व शुद्धता एवं गति के साथ तैयार की जा सकती है । 2. विश्व व्यापार , आयात निर्यात की स्थित ,, भुगतान संतुलन आदि के क्षेत्र में भी कंप्यूटर बड़े उपयोगी साबित हो रहे है। 3. चिकित्सा विज्ञान में कंप्यूटर का प्रयोग औषधि निर्माण से लेकर उपचार तक की संपूर्ण प्रक्रिया में हो रहा है। 4.   इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कंप्यूटर की मदद से विभिन्न प्रकार की सरल तथा जटिल मशीनों , छोटे बड़े यंत्रों तथा उपकरणों की उपयोगी मितव्यई तथा सरल डिजाइन सरलता से उपलब्ध हो जाती है , । 5. कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ,   समाचारों का एक लंबी द...

The first established industry in India भारत मे सर्वप्रथम स्‍थापित उद्योग

भारत मे सर्वप्रथम स्‍थापित उद्योग 1. सूती वस्त्र - 1818 - फोर्ट ग्लोस्टर ( कोलकाता ) 2. कागज - 1832 - सेरामपुर ( प . बंगाल ) 3. चीनी उद्योग - 1840 - बेतिया ( बिहार ) 4. सीमेंट - 1854 - चेन्नई 5. जूट - 1859 - रिशरा ( प . बंगाल ) 6. लौह इस्पात - 1870 - कुलटी ( प . बंगाल ) 7. ऊनी वस्त्र - 1876 - कानपुर ( उ . प्र .) 8. कृत्रिम वस्त्र रेशा ( रेयान ) - 1920 - त्रावणकोर ( केरल ) 9. एल्युमिनियम - 1937 - जे . के . नगर 10. भारी इंजीनियरिंग - 1958 - रांची ( झारखण्ड )

Science , Classification of plant पादप जगत का वर्गीकरण

पादप जगत का वर्गीकरण परिचय वर्गिकी  (Taxonomy)  वर्गीकरण   का   विज्ञान   है ,  जो   जीवों   की   व्यापक   विविधता   के   अध्ययन   को   आसान   बनाता   है   और   जीवों   के   विभिन्न   समूहों   के   बीच   अंतर्संबंधों   को   समझने   में   हमारी   मदद   करता   है।   पादप   जगत   में   प्रथम   स्तर   का   वर्गीकरण   पादप   शरीर   के   अंतर ,  परिवहन   के   लिए   विशेष   ऊतकों   की   उपस्थिति ,  बीज   धारण   करने   की   क्षमता   और   बीज   के   फलों   के   अंदर   पाये   जाने   पर   निर्भर   करता   है। थेलोफाइटा शैवाल ,  कवक   और   बैक्टीरिया   जैसे   सूक्ष्म   जीवाणुओं   के   प्रकार   को   इस   श्र...