सूर्य
- सूर्य के रासायनिक संगठन
में हाइड्रोजन 71%, हीलियम 26.5% तथा अन्य तत्व
2.5% शामिल हैं।
- सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक आने में
8 मिनट 1.66 सेकेण्ड
लगते हैं।
सूर्य की संरचना
- प्रकाश मंडल
सूर्य की दिखायी देने
वालीदीप्तिमान सतह है प्रकाश
मंडल के किनारे वाला
भाग, जो दीप्तिमान नहीं
होता है और लाल रंग का होता है वर्णमंडल कहलाता
है।
- प्रभावमंडल सूर्य
का वाह्यताम भाग है (जो केवल
सूर्य ग्रहण
के समय ही दिखता
है)।
- कोरोना से एक्स किरणें
उत्सर्जित होती
रहती है और पूर्ण
सूर्यग्रहण के समय पृथ्वी
इसी कोरोना
से प्रभावित होती है।
- जब सूर्य
के किसी
भाग का ताप अन्य
भागों की तुलना में कम हो जाता है टो धब्बे
के रूप में दीखता
है, जिसे
सौर कलंक
कहते हैं।
इस धब्बे
का जीवनकाल
कुछ घंटे
से लेकर
कुछ सप्ताह
तक का होता है।कई
दिनों तक सौर कलंक
बने रहने
के पश्चात
रेडियो संचार
में बाधा
आती है।
सूर्य ( Sun ) के बारे में अदभुत जानकारी
Sun सूर्य मंडल में लगभग 86 प्रतिशत वजन सूर्य का है।
सूर्य
की उम्र लगभग 9 बिलियन साल है।
पृथ्वी से सूर्य की दूरी लगभग 14, 95, 97, 900 किलोमीटर है।
शुक्र ग्रह सूर्य की परिक्रमा 224 . 7 दिनों में करता है।
सूर्य पृथ्वी से लगभग 100 गुना ज्यादा बड़ा एक तारा है और पृथ्वी से लगभग 333, 400 गुना भारी है।
सूर्य का व्यास 14 लाख किलोमीटर है।
अगर सूर्य ( Sun ) को फूटबाल मान लिया जाए तो धरती एक कांच की गोली के समान होगी।
सूर्य की किरणें धरती पर आने के लिए 8 मिनट 17 सेकंड्स का समय लेती हैं।
सूरज ( Sun ) की किरणों की गति 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड्स होती है।
सूर्य से सबसे नजदीक और तेज़ गति का ग्रह बुध ( Mercury ) ग्रह है।
सूर्य हमारी आकाश गंगा के धुरे की परिक्रमा 25 करोड़ सालों में करता है।
सूरज 74 % हाईडरोजन 24 % हीलियम से बना है इसके इलावा सूरज में ओकसीजन , कार्बोन , लोहा , नियोंन भी मौजूद है।
सूरज की बाहरी सतह का तापमान ( Temperature ) 5760 डिग्री सेल्सियस है और सूरज का अंदरूनी तापमान ( Temperature ) 1 करोड़ 50 लाख डिग्री सेल्सियस है।
सूरज ग्रहण तब लगता है जब धरती और सूरज के बीच चन्द्रमा आ जाता है।
पृथ्वी की तरह सूर्य भी कठोर नहीं है क्योंकि सूर्य में भारी मात्रा में गैसें पाई जाती हैं।
सूरज का गुरुत्वा आकर्षण पृथ्वी से 28 गुना ज्यादा है मान लो धरती पर आपका वजन 60 किलोग्राम है तो सूरज पर आपका वजन 1680 किलोग्राम होगा।
सूरज की किरने प्लूटो तक पहुँचने में 5 घंटे 30 मिनट का समय लेती हैं।
सूर्य के अंदरूनी तापमान के एक सेकंड के प्रयोग से पूरे अमेरिका को अगले 38000 सालों तक बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सूर्य की परिक्रमा करने में सबसे ज्यादा समय प्लूटो यानि बौना ग्रह लेता है यह सूर्य की परिक्रमा लगभग 248 सालों में करता है।
मंगल सूर्य ( Sun ) की परिक्रमा 687 दिनों में करता है।
पृथ्वी पर हर साल सूर्य ग्रहण लगता है। साल में ज्यादा से ज्यादा 5 बार सूर्य ग्रहण लग सकता है और यह ग्रहण 7 मिनट 40 सेकंड्स से लेकर 20 तक चल सकता है।