लॉर्ड विलियम बैंटिक (1828 ई. से 1835 ई. तक )
- लॉर्ड विलियम
बैंटिक ने कोर्ट ऑफ़ डायरेक्टर्स की इच्छाओं के अनुसार भारतीय
रियासतोँ के प्रति तटस्थता
की नीति
अपनाई।
- इसने ठगों
के आतंक
से निपटने
के लिए कर्नल स्लीमैन
को नियुक्त
किया।
- लॉर्ड विलियम
बैंटिक के कार्यकाल मेँ
1829 मे सती प्रथा का अंत कर दिया गया।
- लॉर्ड विलियम
बैंटिक ने भारत मेँ कन्या शिशु
वध पर प्रतिबंध लगाया।
- बैंटिक के ही कार्यकाल मेँ देवी
देवताओं को नर बलि देने की प्रथा का अंत कर दिया गया।
- शिक्षा के क्षेत्र मेँ इसका महत्वपूर्ण योगदान था। इसके कार्यकाल मेँ अपनाई
गई मैकाले
की शिक्षा
पद्धति ने भारत के बौद्धिक जीवन
को उल्लेखनीय ढंग से प्रभावित किया।
सर चार्ल्स मेटकाफ (1835 ई . से 1836 ई. तक )
- विलियम बेंटिक
के पश्चात
सर चार्ल्स
मेटकाफ को भारत का गवर्नर जनरल
बनाया गया।
- इसने समाचार
पत्रोँ पर लगे प्रतिबंधोँ को समाप्त
कर दिया।
इसलिए इसे प्रेस का मुक्तिदाता भी कहा जाता
है।
लॉर्ड ऑकलैंड (1836 ई. से 1842 ई. तक )
- लॉर्ड ऑकलैंड
के कार्यकाल मे प्रथम
अफगान युद्ध
(1838 ई. – 1842 ई.) हुआ।
- 1838 में लॉर्ड
ऑकलैंड ने रणजीत सिंह
और अफगान
शासक शाहशुजा
से मिलकर
त्रिपक्षीय संधि
की।
- लॉर्ड ऑकलैंड
को भारत
मेँ शिक्षा
एवं पाश्चात्य चिकित्सा पद्धति
के विकास
और प्रसार
के लिए जाना जाता
है।
- लॉर्ड ऑकलैंड
के कार्यकाल मेँ बंबई
और मद्रास
मेडिकल कॉलेजों
की स्थापना
की गई। इसके कार्यकाल मेँ शेरशाह
द्वारा बनवाए
गए ग्रांड-ट्रंक-रोड की मरम्मत
कराई गई।
लॉर्ड एलनबरो (1842 ई. से 1844 ई. तक )
- लॉर्ड एलनबरो
के कार्यकाल मेँ प्रथम
अफगान युद्ध
का अंत हो गया।
- इसके कार्यकाल की सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटना
1843 में सिंध
का ब्रिटिश
राज मेँ विलय करना
था।
- इसके कार्यकाल मेँ भारत
मेँ दास प्रथा का अंत कर दिया गया।
लॉर्ड हार्डिंग (1844 ई. से 1848 ई. तक )
- लॉर्ड हार्डिंग के कार्यकाल मेँ आंग्ल-सिख युद्ध
(1845) हुआ, जिसकी
समाप्ति लाहौर
की संधि
से हुई।
- लॉर्ड हार्डिंग को प्राचीन
स्मारकोँ के संरक्षण के लिए जाना
जाता है। इसने स्मारकों की सुरक्षा
का प्रबंध
किया।
- लॉर्ड हार्डिंग ने सरकारी
नौकरियोँ मेँ नियुक्ति के लिए अंग्रेजी शिक्षा को प्राथमिकता।
लॉर्ड डलहौजी (1848 ई. से 1856 ई. तक )
- लॉर्ड डलहौजी
ने व्यपगत
के सिद्धांत को लागू
किया।
- व्यपगत के सिद्धांत द्वारा
ब्रिटिश साम्राज्य मेँ मिलाये
गए राज्यों
मेँ सतारा
(1848), जैतपुर व संभलपुर (1849), बघाट
(1850), उदयपुर (1852), झाँसी
(1853), नागपुर (1854) आदि थे।
- लार्ड डलहौजी
के कार्यकाल मेँ भारत
मेँ रेलवे
और संचार
प्रणाली का विकास हुआ।
- इसके कार्यकाल मेँ दार्जिलिंग को भारत
मेँ सम्मिलित कर लिया
गया।
- लार्ड डलहौजी
ने 1856 मेँ अवध के नवाब पर कुशासन का आरोप लगाकर
अवध का ब्रिटिश साम्राज्य मेँ विलय
कर लिया।
- इसके कार्यकाल मेँ वुड का निर्देश
पत्र आया जिसे भारत
मेँ शिक्षा
सुधारों के लिए मैग्नाकार्टा कहा जाता
है।
- इसने 1854 में नया डाकघर
अधिनियम (पोस्ट
ऑफिस एक्ट)
पारित किया,
जिसके द्वारा
देश मेँ पहली बार डाक टिकटों
का प्रचलन
प्रारंभ हुआ।
- लार्ड डलहौजी
के कार्यकाल मेँ भारतीय
बंदरगाहों का विकास करके
इन्हेँ अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य
के लिए खोल दिया
गया।
- इसके कार्यकाल मेँ हिंदू
विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित
हुआ।