अक्षांश व
देशांतर
अक्षांश
- सभी अक्षांश
रेखाएं समांतर
होती हैं।
इनकी संख्या
180 है तथा अंश में प्रदर्शित की जाती हैं।
दो अक्षांशों के मध्य
की दूरी
111 किमी. होती
है। विषुवत
वृत्त 0 डिग्री
अक्षांश को प्रदर्शित करता
है। विषुवत
वृत्त के उत्तर\ के सभी अक्षांश
उत्तरी अक्षांश
तथा दक्षिण
के सभी अक्षांश दक्षिणी
अक्षांश कहलाते
हैं।
- पृथ्वी पर खींचे गए अक्षांश वृत्तों
में विषुवत
वृत्त सबसे
बड़ा है। इसकी लम्बाई
40069 किमी. है।
कुछ महत्वपुर्ण अक्षांश
- कर्क वृत्त
धरातल पर उत्तरी गोलार्द्ध में विषुवत
वृत्त से
23½°की कोणीय
दूरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त
है।
- मकर वृत्त
धरातल पर दक्षिणी गोलार्द्ध में विषुवत
रेखा से
23½° की कोणीय दुरी
पर खींचा
गया काल्पनिक वृत्त है।
- आर्कटिक वृत्त
धरातल पर उत्तरी गोलार्द्ध में विषुवत
रेखा से
66½° की कोणीय दूरी
पर खींचा
गया काल्पनिक वृत्त है।
- अंटार्कटिक वृत्त
धरातल पर दक्षिणी गोलार्द्ध में विषुवत
वृत्त से
66½° की कोणीय दूरी
पर खींचा
गया काल्पनिक वृत्त है।
देशांतर
- किसी स्थान
के कोणीय
प्रधान यामोत्तर (0° ग्रीनविच) व पश्चिम
में होता
है। देशांतर
कहलाता है। इंग्लैण्ड के ग्रीनविच स्थान
से गुजरने
वाली रेखा
को 0° देशांतर या ग्रीनविच रेखा
कहते हैं।
इसके पूर्व
में 180° तक सभी देशांतर पूर्वी
देशांतर और ग्रीनविच देशांतर
से पश्चिम
की ओर सभी देशांतर
पश्चिमी देशांतर
कहलाते हैं।
- पृथ्वी की
24 घंटे में
360° देशांतर
घूम जाती
है। इसलिए
पृथ्वी की घूर्णन 15 अंश देशांतर प्रति
घंटा या प्रति 4 मिनट
में एक देशांतर है।
कुछ महत्वपुर्ण
देशांतर
- 1884 में वाशिंगटन में हुए एक समझौते
के अनुसार
180° को अंतर्राष्ट्रीय तिथि
रेखा कहते
हैं। यह रेखा प्रशांत
महासागर में उत्तर से दक्षिण तक फैली है।
- अनेक द्वीपों
को काटने
के कारण
इस रेखा
को 180° देशांतर से कहीं कहीं
खिसका दिया
गया है। जैसे- 66½° उत्तर में पूर्व की ओर झुकाव
बेरिंग जलसन्धि
तथा पूर्वी
साइबेरिया में एक समय रखने के लिए।
- 52½° उत्तर
में पश्चिम
की ओर झुकाव, एल्युशियन द्वीप एवं अलास्का में एक ही समय दर्शाने
के लिए।
- 52½° दक्षिण
में पूर्व
की ओर झुकाव, एलिस,
वालिस, फिजी,
टोंगा, न्यूजीलैंड एवं ऑस्ट्रेलिया में एक ही समय रखने के लिए।
- यदि अंतर्रा
तिथि रेखा
को पार किया जाता
है, तो तिथि में एक दिन परिवर्तन हो जाता है। कोई यात्री
यदि पूर्व
से पश्चिम
(एशिया से उत्तर अमेरिका)
दिशा में अंतर्राष्ट्रीय तिथि
रेखा को पार करेगा
टो वह एक दिन पीछे हो जायेगा।
- इसी तरह कोई यात्री
पश्चिम से पूर्व (उत्तर
अमेरिका से एशिया) की ओर यात्रा
करता है टो वह एक दिन आगे हो जायेगा।
- अगर अंतर्राष्ट्रीय तिथि
रेखा पर मध्य रात्रि
है तो यदि एशियाई
भाग की तरफ शुक्रवार है, तो अमेरिकी भाग की तरफ गुरुवार होगा।
- ग्रीनविच मीन टाइम- इंग्लैंड के निकट
शून्य देशांतर
पर स्थित
ग्रीनविच वेधशाला
से गुजरने
वाली काल्पनिक रेखा को प्राइम मेरीडियन माना गया है।
- ग्रीनविच याम्योत्तर 0°देशांतर पर है यह ग्रीनलैंड व नार्वेजियन सागर,
ब्रिटेन, फ़्रांस,
स्पेन, अल्जीरिया, माले, बुर्किनाफासो, घाना व दक्षिण अटलांटिक समुद्र से गुजरता है।
- प्रमाणिक समय-
चूँकि विभिन्न
देशान्तरों पर स्थित स्थानों
का स्थानीय
समय भिन्न-भिन्न होता
है। इसके
कारण बड़े विशाल देश के एक कोने से दूसरे कोने
के स्थानों
के बीच समय में बड़ा अंतर
पड़ जाता
है। फलस्वरूप तृतीयक व्यवसायों के सेवा
कार्यों में बड़ी बाधा
उत्पन्न हो जाती है। इस बाधा
व समय की गड़बड़ी
को दूर करने के लिए सभी देशों में एक देशांतर
रेखा के स्थानीय समय को सारे
देश का प्रमाणिक समय मान लिया
जाता है। इस प्रकार
में सभी स्थानों पर मने जाने
वाले ऐसे समय को प्रमाणिक समय व मानक
समय कहते
हैं। हमारे
देश में
82°30´ पूर्वी देशांतर
रेखा को मानकमध्यान्ह रेखा
(मानक समय)
माना गया है। इस मध्यान्ह रेखा
का स्थानीय
समय सरे देश का स्थानीय समय माना गया है। इसी को भारतीय
मानक समय कहा जाता
है। भारत
का प्रमाणिक समय ग्रीनविच मध्य समय से 5 घंटा
मिनट आगे है।
- स्थानीय समय वह समय है, जो कि सूर्य
के अनुसार
हर देशांतर
पर निकला
जाता है। ज सूर्य
उस देशांतर
पर लम्बवत
चमकता है तो उसे दोपहर के
12 बजे मान लेते हैं।
इसे ही स्थानीय समय कहते हैं।
यह प्रत्येक देशांतर 4 मिनट
के अंतर
से भिन्न
होता है।
- भारत में
82½° अंश पूर्वी देशांतर
रेखा को मानक समय मन जाता
है, जो अल्लाहाबाद के निकट नैनी
से गुजरती
है।
- भारत का मानक समय ग्रीनविच मीन टाइम से 5½ घंटा
आगे रहता
है।
- पृथ्वी का क्षेत्रफल ५१ वर्ग किलोमीटर जबकि महासागरीय क्षेत्र्फाक 36.18 करोड़
वर्ग किलोमीटर, अर्थात पृथ्वी
के कुल क्षेत्र्फाक का
71% भाग है।
- महाद्वीपीय क्षेत्रफल 14.90 करोड़ वर्ग
किमी. है – पृथ्वी
के कुल क्षेत्रफल का
29% भाग।
- उत्तरी गोलार्द्ध को स्थलीय
गोलार्द्ध कहते
हैं। यहाँ
पृथ्वी का
83% स्थलीय भाग स्थित है, जबकि दक्षिणी
गोलार्द्ध को जलीय गोलार्द्ध कहते हैं।
यहाँ पृथ्वी
का 90.6% जलीय
भाग स्थित
है।