पृथ्वी की आंतरिक संरचना
भूपर्पटी
- यह पृथ्वी
के आयतन
का 0.5% घेरे
हुए है।
- मेंटल भूपर्पटी के नीचे
है और पृथ्वी के आयतन का
83% भाग घेरे
हुए है।
सियाल -- ऊपर की भूपर्पटी
- पृथ्वी का सबसे उपरी
भाग
- रासायनिक बनावट-एल्युमिनियम
- अवसादी एवं ग्रेनाइट चट्टानों की प्रधानता है।
- महाद्वीप की रचना सियाल
में मानी
जाती है।
सीमा-- मेंटल
- सिलिकन (Si) और मैग्नीशियम (Mg) तत्वों
की प्रधानता
- इसी परत से ज्वालामुखी विस्फोट के समय लावा
बाहर आता है।
- मेंटल भूपटल
के मध्य
असम्बद्ध सतह है, जिसकी
खोज ए. मोहलोविस ने की थी। इसे मोहलोविस असंबद्धता कहते
हैं।
निफे—कोर
- पृथ्वी का केन्द्रीय भाग है।
- इसकी रचना
निकेल और लोहे से हुई है।
- पृथ्वी का कोर भाग ठोस है, कोर भाग पर आच्छादित परते अर्द्ध-ठोस या प्लास्टिक अवस्था
में हैं।
- एस्थेनोस्फीयर विशेष
परत न होकर मेंटल
का ही भाग है।
- अन्तरम या क्रोड पृथ्वी
का सबसे
आंतरिक भाग है, जो मेंटल के नीचे पृथ्वी
के केंद्र
तक पाया
जाता है। इसे बेरीस्फीयर भी कहा जाता है।
चट्टान
- धरातल से
16 किमी. की गहराई तक
95% भूपर्पटी चट्टानों से निर्मित
है।
- लगभग 2000 विभिन्न
खनिजों में
12 खनिज ऐसे हैं, जिन्हें
चत्त्तन बनाने
वाले खनिज
कहते हैं।
इनमें सिलिकेट
सबसे महत्वपूर्ण है।
- पृथ्वी की सतह का निर्माण करने
वाले सभी पदार्थ चट्टान
या शैल कहलाते हैं।
- आग्नेय शैल को प्राथमिक चट्टान व् ज्वालामुखी चट्टान
भी कहते
हैं।
- आग्नेय शैलों
में लोहा,
मैग्नीशियम युक्त
सिलिकेट खनिज
अधिक होते
हैं।
- आग्नेय शैलों
में पाए जाने वाले
खनिज हैं-
चिम्ब्कीय खनिज,
निकेल, तांबा,
सीसा, जस्ता,
सोना, हीरा
तथा प्लैटिनम।
- बेसाल्ट चट्टान
के क्षरण
से काली
मिट्टी का निर्माण होता
है, जिसे
रेगुर कहते
हैं।
- आग्नेय चट्टानों में जीवाश्म
नहीं पाए जाते हैं।
- बेसोलिथ सबसे
बड़े आतंरिक
चट्टानी पिंड
हैं। यू.एस.ए. इदाहो बेसोलिथ,
प. कनाडा
का कोस्ट
रेंज बेथोलिया मूलतः ग्रेनाइट के बने हैं।
- अवसादी चट्टानों में क्षैतिज
रूप से जमने वाले
मैग्मा को सिल कहा जाता है।
- अवसादी चट्टानी
प्रदेश में लम्बवत रूप से लगने
वाला मैग्मा
डाइक कहा कहलाता है।
- खनिज तेल अवसादी शैलों
के अंतर्गत
आता है।
- वायु निर्मित
शैलों में लोयस प्रमुख
हैं, जबकि
हिमानीकृत शैलों
में मोरेन
प्रमुख है।
- नाइस का उपयोग इमारती
पत्थर के रूप में होता है। क्वार्टजाइट का प्रयोग कांच
बनाने में किया जाता
है।