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Geography , Revolution in agricultural sector in India भारत में कृषि क्ष्‍ेात्र में हुई क्रांतियां


भारत में कृषि क्ष्‍ेात्र में हुई क्रांतियां
1. हरित क्रांति - खाद्द्यान्न (गेंहू-1, धान-2) - नीली क्रांति - मतस्य उत्पादन

2. लाल क्रांति - मांस / टमाटर उत्पादन - गुलाबी क्रांति - झींगा उत्पादन

3. पीली क्रांति - तिलहन उत्पादन - श्वेत क्रांति - दुग्ध उत्पादन

4. भूरी क्रांति - उर्वरक उत्पादन - सुनहरी क्रांति - बागवानी (फलोत्पादन)

5. रजत क्रांति - अंडा उत्पादन - गोल क्रांति - आलू उत्पादन

6. इन्द्रधनुष क्रांति - सभी क्रांतियों को मिलाकर

- भारत विश्व मेँ सबसे बड़ा फल उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा सब्जी उत्पादक है।

- भारत विश्व मेँ काजू का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है।

- भारत को विश्व मेँ मसालोँ का सबसे बड़ा उत्पादकं उपभोक्ता और निर्यातक होने का गौरव प्राप्त है।

- नॉरमन -बोरलाग को हरित क्रांति का जनक माना जाता है, हरित क्रांति से उत्पादन मेँ सबसे अधिक वृद्धि गेहूँ मे हुई, चावल का भाग लगभग स्थिर रहा है, जबकि मोटे अनाज एवं दालों के भाग घटे हैं।

- रबड़ के उत्पादन मेँ भारत का विश्व मेँ चौथा स्थान है, देश मेँ रबड़ की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता विश्व मेँ सर्वाधिक है। देश मेँ प्राकृतिक रबड़ का आयात कोलकाता एवं विशाखापत्तनम बंदरगाहों के माध्यम से होता है। खाद्य तेलोँ और तिलहन फसलोँ के उत्पादन के क्षेत्र मेँ अनुसंधान और विकास करने की रणनीति को पीली क्रांति कहा गया।

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