Skip to main content

Construction of constitution संविधान का निर्माण

परिचय

संविधान सभा के कुल प्रतिनिधि = 329

282 प्रांतों के प्रतिनिधि

93 राज्यों के प्रतिनिधि

3 (मुख्य आयुक्त) प्रांतों के प्रतिनिधि

1 बलूचिस्तान का प्रतिनिधि

- संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्‍बर 1946 को हुई तथा इसका अस्‍थाई अध्‍यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिंन्‍हा को बनाया गया।

- 11 दिसम्‍बर 1946 को संविधान सभा का अध्‍यक्ष डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद को बनाया तथा एस.सी मुखर्जी को उपसभापति तथा बी एन राव को संविधान सभा का संविधानिक परमर्शदाता नियुक्‍त किया गया।

- देश को विभाजन होने के उपरांत मुस्लिम लीग ने संविधान सभा से अपने सदस्‍यो को वापिस बुला लिया जिससे सदस्‍यो की संख्‍या 299 रह गयी। ( 229 प्रांतो के + 70 राज्‍यो के प्रतिनिधि)

- संविधान के निर्माण हेतु संविधान सभा ने 22 समितियों को गठन किया। इनमें से 10 समितियाँ कार्यविधि सम्‍बंधी विषयो से व 12 समितियाँ मूल मामलो से सम्‍बंधित थी।
इन समितियो की रिपोर्टो के आधार पर प्रारूप समिति का गठन किया गया
प्रारूप समिति
सभापति : डॅा. बी.आर अम्‍बेड़कर

सदस्‍य

1. एन गोपालास्‍वामी आयंगर

2. अलादी कृष्‍णास्‍वामी अय्यर

3. के.एम.मुंशी

4. मुहम्‍मद सादुल्‍ला

5. वी. एल मित्तर (अस्‍वस्‍थ होने के कारण त्‍याग पत्र दे दिया इनके स्‍थान पर माधवण राव को नियुक्‍त किया गया)

6. डी पी खैतान (1948 में मृत्‍यु हो गयी, इनके स्‍थान पर टी टी कृष्‍णमाचारी को नियुक्‍त किया)

- संविधान सभा द्वारा निर्मित संविधान 26 नवम्‍बर 1949 को अपनाया गया।

- भारत के संविधान निर्माण में 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन लगे।

Popular posts from this blog

Purpose of computer , कंप्यूटर का उद्देश्य

              कंप्यूटर का उद्देश्य   Purpose of computer आज के युग में कंप्यूटर का महत्व बहुत ही अधिक बढ़ गया है । जीवन के हर क्षेत्र में आज किसी न किसी रूप में कंप्यूटर का उपयोग हो रहा है ।   इसी आधार पर कंप्यूटर के उद्देश्य निम्नलिखित है - 1. कंप्यूटर की सहायता से विभिन्न प्रकार के अकाउंट केश बुक , लेजर ,   बैलेंस शीट , सेल्स रजिस्टर , परचेज बुक तथा बैंक विवरण सहजता व शुद्धता एवं गति के साथ तैयार की जा सकती है । 2. विश्व व्यापार , आयात निर्यात की स्थित ,, भुगतान संतुलन आदि के क्षेत्र में भी कंप्यूटर बड़े उपयोगी साबित हो रहे है। 3. चिकित्सा विज्ञान में कंप्यूटर का प्रयोग औषधि निर्माण से लेकर उपचार तक की संपूर्ण प्रक्रिया में हो रहा है। 4.   इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कंप्यूटर की मदद से विभिन्न प्रकार की सरल तथा जटिल मशीनों , छोटे बड़े यंत्रों तथा उपकरणों की उपयोगी मितव्यई तथा सरल डिजाइन सरलता से उपलब्ध हो जाती है , । 5. कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ,   समाचारों का एक लंबी द...

The first established industry in India भारत मे सर्वप्रथम स्‍थापित उद्योग

भारत मे सर्वप्रथम स्‍थापित उद्योग 1. सूती वस्त्र - 1818 - फोर्ट ग्लोस्टर ( कोलकाता ) 2. कागज - 1832 - सेरामपुर ( प . बंगाल ) 3. चीनी उद्योग - 1840 - बेतिया ( बिहार ) 4. सीमेंट - 1854 - चेन्नई 5. जूट - 1859 - रिशरा ( प . बंगाल ) 6. लौह इस्पात - 1870 - कुलटी ( प . बंगाल ) 7. ऊनी वस्त्र - 1876 - कानपुर ( उ . प्र .) 8. कृत्रिम वस्त्र रेशा ( रेयान ) - 1920 - त्रावणकोर ( केरल ) 9. एल्युमिनियम - 1937 - जे . के . नगर 10. भारी इंजीनियरिंग - 1958 - रांची ( झारखण्ड )

Science , Classification of plant पादप जगत का वर्गीकरण

पादप जगत का वर्गीकरण परिचय वर्गिकी  (Taxonomy)  वर्गीकरण   का   विज्ञान   है ,  जो   जीवों   की   व्यापक   विविधता   के   अध्ययन   को   आसान   बनाता   है   और   जीवों   के   विभिन्न   समूहों   के   बीच   अंतर्संबंधों   को   समझने   में   हमारी   मदद   करता   है।   पादप   जगत   में   प्रथम   स्तर   का   वर्गीकरण   पादप   शरीर   के   अंतर ,  परिवहन   के   लिए   विशेष   ऊतकों   की   उपस्थिति ,  बीज   धारण   करने   की   क्षमता   और   बीज   के   फलों   के   अंदर   पाये   जाने   पर   निर्भर   करता   है। थेलोफाइटा शैवाल ,  कवक   और   बैक्टीरिया   जैसे   सूक्ष्म   जीवाणुओं   के   प्रकार   को   इस   श्र...