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Medieval History मध्‍यकालीन भारत , विजय नगर एवंं बहमनी सल्‍तनत


           विजय नगर साम्राज्‍य के लक्षण 

- यह एक राजशाही साम्राज्य था।

- साम्राज्य के लिए भूमि-कर राजस्व का मुख्य स्त्रोत था।

- विजयनगर साम्राज्य में सोने के सिक्के चलन में थे। इन्हे वराह कहा जाता था। जिनका वज़न 52 ग्राम था। चांदी एवं तांबे के सिक्के चलन में नही थे। परत, वराह का आधा हिस्सा होता था।

- अधिक शासक वैष्णववाद के समर्थक थे।

- विजयनगर साम्राज्य में महिलाओं को सम्मानीय स्थान प्राप्त था।

विजयनगर साम्राज्य का भ्रमण करने वाले प्रसिद्ध यात्री 

 यात्री - देश - शासक

1. इब्नबतूता - Morocco - हरिहर-I

2. निकोलोडि कोन्टे - इटली (वेनिस) - देवराय-I

3. अब्दुर रज्जाक - पर्शिया - देवराय-II

4. दुमिंगो-पेस - पुर्तगाल - कृष्णदेव राय

5. दुअर्त बारबोसा - पुर्तगाल - कृष्णदेव राय



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