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Medieval History मध्‍यकालीन भारत , मुगलकाल , औरंगजेब (1658 - 1707)




- औरंगज़ेब 1658 में दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। एवं आलमगीर की उपाधि धारण कर ली।

- उसने सिक्कों पर कलमा अंकित करने पर पाबंदी लगा दी।

- 1679 में उसने पुन: जजिया कर प्रारंभ कर दिया।

- उसने अंतर्देशीय पारगमन शुल्क (रहद़री) एवं चुगी (पन्डारी) समाप्त कर दी थी।

- उसने नौरोज उत्सव पर भी पाबंदी लगवा दी।

- उसने नशीली दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया एवं वाराणासी के विश्वनाथ मंदिर को नष्ट कर दिया था।

- उसने दरबार में संगीत पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।

- उसने जन्मदिवस पर सम्राट का तोल किये जाने एवं झरोखा दर्शन जैसी प्रथाओं को समाप्त कर दिया था।

- 1679 में सिखों के नौवें गुरू तेग बहादुर को बंदी बना कर दिल्ली ले जाया गया जहाँ उन्हे मौत के घाट उतार दिया गया।

- 1666 में शिवाजी एवं आगरा के गवर्नर जयसिंह के मध्य हुई पुरन्दर की संधि के अनुसार शिवाजी मुगल दरबार में उपस्थित होने को राज़ी हो गए परन्तु जब शिवाजी मुगल दरबार में उपस्थित हुए तब उनका उचित आदर सत्कार करके औरंगज़ेब ने उन्हे औरंगज़ेब ने उन्हे बंदी बनाने की योजना बना ली परन्तु शिवाजी वहां से बच निकले।

- 1689 में शिवाजी के बड़े पुत्र सम्भाजी को कैद कर औरंगज़ेब द्वारा वध कर दिया गया।

- औरंगज़ेब ने फतवा--आलमगिरी का संकलन किया।

- औरंगज़ेब ने कई हिंदु मंदिरों को नष्ट किया यथा राजा बीर सिंह द्वारा बनाया गया मथूरा का केशव राय मंदिर एवं राजा मानसिंह द्वारा बनाया गया बनारस का विश्वनाथ मंदिर।

- 1707 में औरंगज़ेब की अहमदनगर में मृत्यु हो गई एवं उसके शव को दौलताबाद के निकट शेख जैलुलहक की कब्र के पास दफना दिया गया।

- औरंगज़ेब के शासनकाल में मुगल साम्राज्य अपने प्रादेशिक चरमोत्कर्ष पर था। 


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